मेरे शब्दों में “प्यार” (Love in my own words – Including my first poem)

Writing in Hindi is such good exercise for me. It helps me find my weak points and stretches me well beyond my comfort zone. It’s like power lifting for my brain. I’m still at the point where I mostly think in English then painstakingly translate what I think. Practice makes perfect. I’m sure that with practice, before long I’ll be able to think in Hindi for more than simple sentences.

मेरे शब्दों में प्यार,

जैसे उड़ती रंगबिरंगी तितलियाँ ,

मेरा दिल का तेजी से धड़कना ,

और मेरा लम्बी यात्रा शुरू करना  |

प्यार वह है जब किसी का सपना आपका सपना बन जाता है, उनकी ख़ुशी आपकी ख़ुशी बन जाती है और उनका दुःख आपका | अपने प्रिय के लिये कुछ करना कोई बलिदान नहीं है क्योंकि यह वैसा ही है जैसा अपने  ही लिये कुछ करना |जब आप प्यार में हैं, आप अपने साथी के साथ ख़ुशी और संतुष्टि महसूस करते हैं| यदि जीवन में परेशानियां हैं तो भी आप साथ-साथ खुश रहते हैं और यदि आप में से कोई एक किसी समस्या का सामना  करता है तो आप दोनों मिलकर उसे सुलझाते हैं |

प्यार में हम वो करते है जो हमें सहज रूप से करना चाहिए क्योंकि हम एक दूसरें का बहुत ध्यान रखते हैं | उदाहरण के लिये : हमें कोई योजना बनाने की आवश्यकता नहीं ,यदि हम देखते हैं कि हमारा साथी कुछ पसंद करता है तो हमें उसे वही देना चाहिए | जब आप प्यार में हैं, आप ख़ुशी महसूस करते हैं क्योंकि आप किसी को पा जाते हैं जिसका साथ आपको प्यारा है, तब आपको उदासी या परेशानियां उतनी बुरी नहीं लगती क्योंकि  इन सभी बातों के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जानते हैं, कि आपको प्यार किया जा रहा है और आप भी किसी को चाह रहे हैं |

17 thoughts on “मेरे शब्दों में “प्यार” (Love in my own words – Including my first poem)

    1. Thank you – I couldn’t just dash it off like I could English. It took a while and I needed a lot of corrections. But the best way to learn is to push yourself beyond your comfort zone and learn where you make mistakes. It was really fun, though!

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      1. Your effort is all the more appreciable because I find so many children giving up on Hindi. They find the मात्राएं difficult, I believe! And these are children whose mother tongue is Hindi!

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      2. हाँ जया सही कहा आपने ,अगर मात्राओं में दिक्कत आ रही हो तो बोल कर अभ्यास कराने के पश्चात
        लिखने से निश्चित ही लाभ होता है |

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      3. परेशानी तो ये है कि बच्चे सही उच्चारण नहीं करते – फ़ोनचा कहेंगे तो पहुंचा नही लिखेंगे। 😯

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